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टाइटैनिक जहाज कब डूबा था – Titanic History in Hindi

दुनिया मे बहुत से पानी जहाज हुए लेकिन टाइटैनिक दुनिया का सबसे बड़ा वाष्प आधारित यात्री जहाज था आज हम आपको टाइटैनिक जहाज कब डूबा था – RMS Titanic History in Hindi इसके के बारे में पूरी अच्छी तरह से जानेंगे यह बात हम उस जहाज की कर रहे है जिसे कभी न डूबने वाला जहाज भी कहा जाता था जिसका नाम था RMS Titanic हुआ करता था।

19वी सताब्दी के शुरुआत से उस समय जर्मन और ब्रिटिश बड़े-बड़े जहाज बनाया जा रहे थे उस समय ब्रिटेन सरकार ने एक ऐसा जहाज बनाने की फैसला लिया जिसका सजावट और लम्बाई एक महल से भी बड़ा हो जो इस सदी का सबसे बड़ा जहाज कहलाये और फिर वह जहाज बनाई गयी।

अपने समय दुनिया का सबसे बड़ा, महँगा और मशहूर जहाज टाइटैनिक 10 अप्रैल 1912 को इंग्लॅण्ड के एक बन्दरगार से अपनी पहली समुंद्री यात्रा पर चला लेकिन ये उसका पहला और आखिरी यात्रा साबित हुआ दुर्भाग्य से 14 अप्रैल 1912 को टाइटैनिक एक विशाल हिमखंड से टकराकर अटलांटिक महासागर में हमेसा लिए डूब गया।

जिसमे 1517 लोगो की दुःखद मृत्यु हो गयी ये घटना इतिहास की सबसे बड़ी समुद्री आपदाओ में एक है लेकिन क्या आप जानते हैं की टाइटैनिक जहाज कब डूबा था – RMS Titanic History in Hindi अगर नही तो इस पोस्ट को अंत तक आपको पढ़ने के जरूरत है।

टाइटैनिक जहाज कब डूबा था

Titanic jahaj kyo duba tha

टाइटैनिक जहाज सर्वप्रथम साउथम्पटन (इंग्लैंड) से अपनी पहली यात्रा पर 10 अप्रैल 1912 को रवाना हुआ चार दिन की यात्रा के बाद, 14 अप्रैल 1912 को वह एक हिमशिला से टकराकर टाइटैनिक जहाज कब डूब गया टाइटैनिक अपने समय का दुनिया का सबसे लम्बे जहाज था।

जिसकी लम्बाई 269 मीटर यानि की 882 फिट की थी और जिसको बनने में 24 महीने लगे थे जिसको 15 हजार कर्मचारियों ने मिलकर बनाया था ये उस समय की दुनिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित संगरचना थी 31 मई 1911 को जब इसका उद्घाटन हुआ उस समय टाइटैनिक को देखने के लिए लगभग 1 लाख लोग एकत्रित हुए थे।

269 मीटर लम्बाई वाले टाइटैनिक को अगर सीधा खड़ा कर दिया जाए तो वो अपने समय के हर इमारत से बड़ा हो सकता था हालाकि Frederick इस दुर्घटना से बच गए उस समय First Class Passenger की टिकट 4375$ डॉलर की थी जो आज के समय में लगभग एक लाख डॉलर होगी। 

टाइटैनिक जहाज को किसने बनाया था

टाइटेनिक जहाज का डिजाइन थॉमस एंड्रूज द्वारा किया गया था जिसकी लंबाई 882 फीट 9 इंच (269.1 मी॰, बीम 92 फीट 0 इंच (28.0 मी॰, 52,310 और ऊंचाई 175 फीट (53.3 मी॰) थी इस जहाज का निर्माण का कार्य 31 मई 1911 कंप्लीट हो गया है।

इसकी पहली यात्रा 10 अप्रैल 1912 को साउथम्पटन (इंग्लैंड) से चार दिन की यात्रा के बाद, 14 अप्रैल 1912 को वह एक हिमशीला से टकरा कर डूब गया जिसमे 1,517 लोगों की मृत्यु हुईं जो इतिहास की सबसे खतरनाक समुद्री आपदाओं में से एक है।

टाइटैनिक जहाज से जुड़ी रोचक बातें

कभी न डूबने वाली कही जाने वही आरएमएस टाइटैनिक के बारे में कुछ रोचक बात जानते है।

  • टाइटैनिक जहाज को RMS Tatanic के नाम से भी जाना जाता है।
  • टाइटैनिक जहाज के मालिक वाइट स्टार लाइन थे जिन्होंने 31 जुलाई 1908 को आरएमएस टाइटैनिक बनाने की ऑर्डर दिया।
  • इस जहाज पर एक फ़िल्म भी बनी है जिसका नाम RMS Titanic है जिसमे जैक और रोज की प्रेम कहानी पर आधारित हॉलीवुड मूवी बनाया गया है।
  • टाइटैनिक जहाज पर तीन श्रेणियों में यात्रियों को बांटा गया था।
  • कहा जाता है कि जिस हिमखंड से टाइटैनिक टकराई थी वह हिमखंड 1000 वर्ष तक समुन्द्र में रहा था।
  • हाल में आई हॉलीवुड की टाइटैनिक फ़िल्म वास्तव में टाइटैनिक जहाज से ज्यादा पैसे कमा चुकी है।
  • टाइटैनिक हिमखंड से टकराने के बाद टाइटैनिक को डूबने में 2 घंटे और 40 मिनट का समय लगा था।
  • टाइटेनिक जहाज को बनाने मे करीब 7500000$ डॉलर का खर्च हुआ था।
  • इस जहाज की कुल लम्बाई 291.5 मीटर थी जो उस वक्त की सबसे बड़ा जहाज था।
  • टाइटैनिक में एक दिन मे करीब 825 टन कोयला इस्तेमाल होता था और 100 टन राख हर रोज़ निकलता था।
  • टाइटैनिक में फुल लोडेड पैसेंजर की क्षमता 3547 थी जिसमे 1st क्लास में 416, सेकंड क्लास में 162 और थर्ड क्लास में 262 थी इसके अलावा 40 ओपन berthing areas भी थी।

टाइटैनिक जहाज के बारे में – Titanic History In Hindi

टाइटैनिक जहाज में 885 चालक कर्मी थे जिसमे 23 महिलाएं थी टाइटैनिक जहाज के मुख्य लंगर को ले जाने के लिए 20 घोड़ो की जरुरत पड़ती थी टाइटैनिक की चिमनियाँ इतनी बड़ी थी इनमे 2 ट्रेनों को निकला जा सकता था जहाज के Interior को लन्दन के Ritz Hotel को देखकर बनाना गया था।

जिसमे हर तरह के चीजे उपलब्ध थी जैसे की स्वीमिंग पुल, जिम ,पुस्तकालय और होटल आदि जहाज पर First Class यात्रियों के लिए 20 हजार बियर के बोतले, 1500 बोतले शराब और 3000 सिगार उपलब्ध थे टाइटैनिक के चार चिमनियों में से चौथी चिमनी नकली थी जिसको केवल जहाज का संतुलन बनाये रखने के लिए बनाया गया था।

इस विशाल जहाज को चलाने के लिए हर दिन लगभग 600 टन कोयले की जरुरत पड़ती थी जिसके लिए 176 लोग दिन-रात लगे रहते थे जहाज से निकलने वाली लगभग 100 टन राख को हर दिन समुद्र में बहा दिया जाता था यात्रियों में 26 जोड़े ऐसे थे जो अपने हनीमून पर गए हुए थे।

उस समय टाइटैनिक पर सवार यात्रियों और कारीगरों को खाने के लिए लगभग 86 हजार पाउंड मीट, 40 हजार अण्डे, 40 टन आलू, 3500 पाउंड प्याज और 36000 सेब मौजूद थे आपको जानकर हैरानी होगी की टाइटैनिक पर हर दिन अपना एक अख़बार भी छपता था।

जिसमे विज्ञापन, व्यापर जगत, घुड़ दौर और खेल से सम्बंधित खबरे होती थी टाइटैनिक जहाज के Captain Edword John Smith भी इसी जहाज के साथ डूब गए थे कुछ साल बाद Captain Edword John Smith के याद में एक स्मारक भी बनाया गया था प्रथम श्रेड़ी के यात्रियों को 352 गानो का एक किताब दी गई थी।

जिनके बारे में वहा पर हर संगीतकार को जानकारी थी और लोगो के फरमाईस पर वह गाना गाना पड़ता था हिमखंड जिससे टाइटैनिक टकराया था वह लगभग 100 फिट ऊंचा था इस विशाल हिमखंड के नजर आने पर 37 सेकेंड के अंदर टाइटैनिक उससे जा टकराया Cantrol Room से टाइटैनिक को Ice बर्फ के बारे में 6 बार चेतावनी दी गई थी.

जिस वक्त Ice बर्फ नजर आया उससे मात्र 30 सेकण्ड पहले अगर वो देख गया होता तो जहाज की दिशा बदली जा सकती थी तो सायद तब समुद्री इतिहास भीषण से दुर्घटना न हुई होती टाइटैनिक को बर्बाद कर देने वाला गुफ्याद ये हिमखंड समुन्द्र में ये दुर्घटना होने से 2900 साल पहले से तैर रहा था।

हिमखंड से टकराने के 2 घंटे 40 मिनट के बाद टाइटैनिक पूरी तरह डूब गया था Life Boat पर पहले औरतो को भेजा जा रहा था बचाय गए 712 यात्रियों में केवल 58 ही पुरुष थे टाइटैनिक में लगी सिट्टी के आवाज को 11 मील दुरी तक सुना जा सकता था 1500 मृतक में से केवल 328 को ही ढूढा जा सका जिसमे 119 मृतकों का शरीर इतनी बुरी तरह नस्ट हो गया था की उनको समुद्र में ही छोड़ना पड़ा।

जहाज के मुख्य रसोइये ने शराब पीकर शरीर को जमा देने वाले ठण्डे पाने में 2 घंटे तक अपनी जान बचाये रखी जिसके बाद उसे बच्चा लिया गया इस दुर्घटना से बचने वाली अंतिम यात्री Millvina Dean थी जिनकी 31 मई 2009 को 97 वर्ष के आयु में उनका मृत्यु हुई जिस समय वो जहाज में थी उस समय वो केवल 2 महीने की थी।

मशहूर फिल्म टाइटैनिक के सबसे इमोशनल सिन में वो द्रिस्य भी शामिल है Ice बर्फ से जहाज टकराने के बाद भी संगीतकार अपना प्रदर्सन करते रहे असली जहाज दुर्घटना ग्रस्त होने पर भी सचमुच में ऐसा ही हुआ था जहाज के नयंत्रक ने कई साल के बाद ये कहा की जहाज के locker box में दूरबीन राखी हुई थी जिसकी चाभी किसी के पास नहीं थी वरना दूरबीन के इस्तमाल करके टाइटैनिक को दुर्घटना से बचाया जा सकता था।

इस जहाज के सभी Engineers अंतिम सांस तक यात्रियों को बचाने में लगे रहे टाइटैनिक जब डूबा तो वह अपने सफर के चौथे दिन में था यानि की अटलांटिक महासागर के बिचो-बिच जमीन से लगभग 600 किलोमीटर दूर टाइटैनिक दुर्घटना में बचने वाले जापानी लोगो के उनके देश के लोगो ने कायर कहा था क्योंकी वो और लोगो की तरह वो अपने देश के लिए कुर्बान नहीं हुए थे.

टाइटैनिकक के ऊपर दर्जनों फिल्मो और डॉक्यूमेंट्री बानी हुई है जिसमे जिसमे सबसे मशहूर फिल्म Titanic है इस फिल्म में Leonardo Dicaprio और Kate Winslet मुख्य भूमिका में थे टायटेनिक जहाज को बनने में 7.5$ मिलियम डॉलर लगे थे जिसकी कीमत 1920 में 120$ मिलियम डॉलर थी जबकि फिल्म को बनने में 200$ मिलियम डॉलर लगे।

टाइटैनिक फिल्म से 2$ बिलियम डॉलर की कमाई की और फिल्म को 11 Oscar Awad मिले जहाज के माल्वे को 1985 में खोजा गया जो समुद्र के गहराई में 12500 फिट निचे मिला उस भयानक दुर्घटना के बाद अटलांटिक महासागर में कैलिफ़ोर्निया नाम का एक और जहाज तैर रहा था वह टाइटैनिक से ज्यादा दूर भी नहीं था लेकिन उसे सूचना मिलने में देर हो गयी।

इसी लिए वह समय पर नहीं पहुंच सका और ज्यादा यात्रियों को नहीं बचा पाया जहाज के सफर शुरू करने से पहले एक खास प्रथा भी नहीं निभाई गयी सफर के शुरुआत से पहले प्रथा के अनुसार जहाज के तय जगह पर एक शराब की बोतल तोड़ी जाती थी लेकिन टाइटैनिक के सफर शुरू होने से पहले इस परम्परा को नहीं निभाया गया।

टाइटैनिक जहाज Captain Edword John Smith इस यात्रा के बाद रिटायरमेंट की तयारी कर रहे थे लेकिन ये सफर ही उनके जिंदगी का आखरी सफर साबित हुआ अपने आखिरी पालो में टाइटैनिक को बिच से टूटकर 2 टुकड़े हो गए थे और ये दोनों टुकड़े आज भी समुद्र में पड़े है और इनके बिच के दुरी 600 मीटर है।

वैज्ञानिक स्पस्ट रूप से ये पता नहीं कर पाए है की जहाज के दो टुकड़े क्यों हुए 37 किलोमीटर के रफ़्तार से रोकने के लिए इसके इंजन को पूरी तरह से उल्टा चलाने की जरुरत थी इतनी रफ़्तार से भी आधी मिल की दूर पर भी रुक सकता था।

अब तो आप समझ गए होंगे कि टाइटैनिक जहाज कब डूबा था – RMS Titanic History in Hindi इसके बारें में काफी अच्छी तरह से बताया गया है ताकि आप अच्छी तरह से समझ सकें।

उम्मीद करता हूँ की आपको यह पोस्ट पसंद आया होगा अगर आपको इसके बारे में समझने में कोई दिक्कत हो या कोई सवाल है तो कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है हम आपके प्रश्न का उत्तर जरूर देंगे।

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