Titanic Jahaj Kab Duba Tha पूरी जानकारी 2020 में

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में जानेंगे की Titanic Jahaj Kab Duba Tha तथा Titanic Jahaj History के बारे में पूरी अच्छी तरह से जानेंगे यह बात हम उस जहाज की कर रहे है जिसे कभी न डूबने वाला जहाज भी कहा जाता था जिसका नाम था RMS Titanic टाइटैनिक की कहानी शुरू होती है 19वी सताब्दी के शुरुआत से उस समय जर्मन और ब्रिटिश बड़े-बड़े जहाज बनाया जा रहे थे उस समय ब्रिटेन सरकार ने एक ऐसा जहाज बनाने की फैसला लिया जिसका सजावट और लम्बाई एक महल से भी बड़ा हो जो इस सदी का सबसे बड़ा जहाज कहलाये और फिर वह जहाज बनाई गयी.

Titanic Jahaj Kab Duba Tha

अपने समय दुनिया का सबसे बड़ा, महँगा और मशहूर जहाज टाइटैनिक 10 अप्रैल 1912 को इंग्लॅण्ड के एक बन्दरगार से अपनी पहली समुंद्री यात्रा पर चला लेकिन ये उसका पहला और आखिरी यात्रा साबित हुआ दुर्भाग्य से 14 अप्रैल 1912 को टाइटैनिक एक विशाल हिमखंड से टकराकर अटलांटिक महासागर में हमेसा लिए डूब गया जिसमे 1517 लोगो की दुःखद मृत्यु हो गयी ये घटना इतिहास की सबसे बड़ी समुद्री आपदाओ में एक है आइये जानते है टाइटैनिक से जुड़े कुछ रोचक और अनसुने बातो को तो चलए जानते है.

Titanic Jahaj Kab Duba Tha In Hindi

टाइटैनिक अपने समय का दुनिया का सबसे लम्बे जहाज था जिसकी लम्बाई 269 मीटर यानि की 882 फिट की थी और जिसको बनने में 24 महीने लगे थे जिसको 15 हजार कर्मचारियों ने मिलकर बनाया था ये उस समय की दुनिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित संगरचना थी 31 मई 1911 को जब इसका उद्घाटन हुआ उस समय टाइटैनिक को देखने के लिए लगभग 1 लाख लोग एकत्रित हुए थे.

269 मीटर लम्बाई वाले टाइटैनिक को अगर सीधा खड़ा कर दिया जाए तो वो अपने समय के हर इमारत से अच्छा होता टाइटैनिक बर्फ से 14 अप्रैल 1912 को 11:40 रात्रि को टकराया था जिसको सबसे पहले Frederick Fleet ने देखा था हलाकि Frederick इस दुर्घटना से बच गए उस समय First Class Passenger की टिकट 4375$ डॉलर की थी जो आज के समय में लगभग एक लाख डॉलर होगी।

Titanic Jahaj History In Hindi

टाइटैनिक जहाज में 885 चालक कर्मी थे जिसमे 23 महिलाएं थी टाइटैनिक जहाज के मुख्य लंगर को ले जाने के लिए 20 घोड़ो की जरुरत पड़ती थी टाइटैनिक की चिमनियाँ इतनी बड़ी थी इनमे 2 ट्रेनों को निकला जा सकता था जहाज के Interior को लन्दन के Ritz Hotel को देखकर बनाना गया था जिसमे हर तरह के चीजे उपलब्ध थी जैसे की स्वीमिंग पुल, जिम ,पुस्तकालय और होटल आदि जहाज पर First Class यात्रियों के लिए 20 हजार बियर के बोतले, 1500 बोतले शराब और 3000 सिगार उपलब्ध थे.

टाइटैनिक के चार चिमनियों में से चौथी चिमनी नकली थी जिसको केवल जहाज का संतुलन बनाये रखने के लिए बनाया गया था इस विशाल जहाज को चलाने के लिए हर दिन लगभग 600 टन कोयले की जरुरत पड़ती थी जिसके लिए 176 लोग दिन-रात लगे रहते थे जहाज से निकलने वाली लगभग 100 टन राख को हर दिन समुद्र में बहा दिया जाता था यात्रियों में 26 जोड़े ऐसे थे जो अपने हनीमून पर गए हुए थे उस समय टाइटैनिक पर सवार यात्रियों और कारीगरों को खाने के लिए लगभग 86 हजार पाउंड मीट, 40 हजार अण्डे, 40 टन आलू, 3500 पाउंड प्याज और 36000 सेब मौजूद थे.

आपको जानकर हैरानी होगी की टाइटैनिक पर हर दिन अपना एक अख़बार भी छपता था जिसमे विज्ञापन, व्यापर जगत, घुड़ दौर और खेल से सम्बंधित खबरे होती थी टाइटैनिक जहाज के Captain Edword John Smith भी इसी जहाज के साथ डूब गए थे कुछ साल बाद Captain Edword John Smith के याद में एक स्मारक भी बनाया गया था प्रथम श्रेड़ी के यात्रियों को 352 गानो का एक किताब दी गई थी जिनके बारे में वहा पर हर संगीतकार को जानकारी थी और लोगो के फरमाईस पर वह गाना गाना पड़ता था.

हिमखंड जिससे टाइटैनिक टकराया था वह लगभग 100 फिट ऊंचा था इस विशाल हिमखंड के नजर आने पर 37 सेकेंड के अंदर टाइटैनिक उससे जा टकराया Cantrol Room से टाइटैनिक को Ice बर्फ के बारे में 6 बार चेतावनी दी गई थी जिस वक्त Ice बर्फ नजर आया उससे मात्र 30 सेकण्ड पहले अगर वो देख गया होता तो जहाज की दिशा बदली जा सकती थी तो सायद तब समुद्री इतिहास भीषण से दुर्घटना न हुई होती टाइटैनिक को बर्बाद कर देने वाला गुफ्याद ये हिमखंड समुन्द्र में ये दुर्घटना होने से 2900 साल पहले से तैर रहा था.

हिमखंड से टकराने के 2 घंटे 40 मिनट के बाद टाइटैनिक पूरी तरह डूब गया था Life Boat पर पहले औरतो को भेजा जा रहा था बचाय गए 712 यात्रियों में केवल 58 ही पुरुष थे टाइटैनिक में लगी सिट्टी के आवाज को 11 मील दुरी तक सुना जा सकता था 1500 मृतक में से केवल 328 को ही ढूढा जा सका जिसमे 119 मृतकों का शरीर इतनी बुरी तरह नस्ट हो गया था की उनको समुद्र में ही छोड़ना पड़ा.

जहाज के मुख्य रसोइये ने शराब पीकर शरीर को जमा देने वाले ठण्डे पाने में 2 घंटे तक अपनी जान बचाये रखी जिसके बाद उसे बच्चा लिया गया इस दुर्घटना से बचने वाली अंतिम यात्री Millvina Dean थी जिनकी 31 मई 2009 को 97 वर्ष के आयु में उनका मृत्यु हुई जिस समय वो जहाज में थी उस समय वो केवल 2 महीने की थी मशहूर फिल्म टाइटैनिक के सबसे इमोशनल सिन में वो द्रिस्य भी शामिल है Ice बर्फ से जहाज टकराने के बाद भी संगीतकार अपना प्रदर्सन करते रहे असली जहाज दुर्घटना ग्रस्त होने पर भी सचमुच में ऐसा ही हुआ था.

जहाज के नयंत्रक ने कई साल के बाद ये कहा की जहाज के locker box में दूरबीन राखी हुई थी जिसकी चाभी किसी के पास नहीं थी वरना दूरबीन के इस्तमाल करके टाइटैनिक को दुर्घटना से बचाया जा सकता था इस जहाज के सभी Engineers अंतिम सांस तक यात्रियों को बचाने में लगे रहे टाइटैनिक जब डूबा तो वह अपने सफर के चौथे दिन में था यानि की अटलांटिक महासागर के बिचो-बिच जमीन से लगभग 600 किलोमीटर दूर टाइटैनिक दुर्घटना में बचने वाले जापानी लोगो के उनके देश के लोगो ने कायर कहा था क्योंकी वो और लोगो की तरह वो अपने देश के लिए कुर्बान नहीं हुए थे.

टाइटैनिकक के ऊपर दर्जनों फिल्मो और डॉक्यूमेंट्री बानी हुई है जिसमे जिसमे सबसे मशहूर फिल्म Titanic है इस फिल्म में Leonardo Dicaprio और Kate Winslet मुख्य भूमिका में थे टायटेनिक जहाज को बनने में 7.5$ मिलियम डॉलर लगे थे जिसकी कीमत 1920 में 120$ मिलियम डॉलर थी जबकि फिल्म को बनने में 200$ मिलियम डॉलर लगे टाइटैनिक फिल्म से 2$ बिलियम डॉलर की कमाई की और फिल्म को 11 Oscar Awad मिले।

जहाज के माल्वे को 1985 में खोजा गया जो समुद्र के गहराई में 12500 फिट निचे मिला उस भयानक दुर्घटना के बाद अटलांटिक महासागर में कैलिफ़ोर्निया नाम का एक और जहाज तैर रहा था वह टाइटैनिक से ज्यादा दूर भी नहीं था लेकिन उसे सूचना मिलने में देर हो गयी इसी लिए वह समय पर नहीं पहुंच सका और ज्यादा यात्रियों को नहीं बचा पाया जहाज के सफर शुरू करने से पहले एक खास प्रथा भी नहीं निभाई गयी सफर के शुरुआत से पहले प्रथा के अनुसार जहाज के तय जगह पर एक शराब की बोतल तोड़ी जाती थी.

लेकिन टाइटैनिक के सफर शुरू होने से पहले इस परम्परा को नहीं निभाया गया टाइटैनिक जहाज Captain Edword John Smith इस यात्रा के बाद रिटायरमेंट की तयारी कर रहे थे लेकिन ये सफर ही उनके जिंदगी का आखरी सफर साबित हुआ अपने आखिरी पालो में टाइटैनिक को बिच से टूटकर 2 टुकड़े हो गए थे और ये दोनों टुकड़े आज भी समुद्र में पड़े है और इनके बिच के दुरी 600 मीटर है वैज्ञानिक स्पस्ट रूप से ये पता नहीं कर पाए है की जहाज के दो टुकड़े क्यों हुए 37 किलोमीटर के रफ़्तार से रोकने के लिए इसके इंजन को पूरी तरह से उल्टा चलाने की जरुरत थी इतनी रफ़्तार से भी आधी मिल की दूर पर भी रुक सकता था.

हमनें क्या पढ़ा –

इस आर्टिकल में हमने पढ़ा Titanic Jahaj Kab Duba Tha तथा Titanic Jahaj History के बारे बताया गया है जैसे- टाइटैनिक जहाज कितनी लम्बी थी ,इसमें कितने लोग एक साथ बैठ सकते है, यह जहाज क्यों डूबी इसका क्या कारण था , इसे बनाने में कितने रूपए लगे थे इस समुद्री दुर्घटना पर कौन सी फिल्म बानी है तथा इस आटिकाल में टाइटैनिक जहाज का पूरा इतिहास बताया गया है।

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