नोटा क्या होता है तथा इसका फुल फॉर्म क्या है पूरी जानकारी

दोस्तो आज के आर्टीकल में जानते है कि नोटा क्या होता है ओर इसे कैसे प्रयोग किया जाता है इसके बारे में हम पूरी जानकारी जानेगें आपकी जानकारी के लिए बता दे कि नोटा का मतलब None of The Above इसका मबलब है कि हम किसी भी पार्टी को वोट नही देना चाहते है आपने अक्सर देखा होगा कि जब आप वोट डालने जाते है Evm में देखा होगा कि सबसे नीचे एक बटन होता है।

Nota Kya Hota Hai
नोटा क्या है

जिसपर नोटा लिखा हुआ होता है जिसपर नोटा का चिह्न होता है अगर आप इस बटन पर क्लिक करते है तो आपका वोट किसी भी पार्टी को नही जाएगा ओर वो नोटा में काउंट हो जाता है इस पोस्ट में हम नोटा क्या होता है ये कैसे काम करता है आदि ओर भी बाते जानेंगें तो चलिए शुरू करते है।

नोटा क्या होता है

चलिए पहले जान लेते है कि नोटा क्या होता है अक्सर देखा जाता है कि लोग सड़क, बिजली या फिर क्रिमिनल रिकॉर्ड के कारण लोग किसी को भी अपना वोट नही देना चाहते तो अपना विरोध किस तरह से सरकार को बताएंगे इसी कारण निर्वाचन आयोग ने वोर्टिंग सिस्टम में एक ऐसा तरीका निकाला की वोटर अपने विचार के अनुसार सभी पार्टी को इंकार कर सके जो नोटा के द्वारा ही होता है।

अगर आप नोटा पर वोट देते है तो आपका कहने का मतलब आप किसी भी उम्मीदवार को वोट नही दे रहे है यानी आपके विधान सभा या लोक सभा किसी भी क्षेत्र में कोई भी पार्टी(उम्मीदवार) पसंद नही है तो आप Evm वाला मशीन में नोटा का बटन दबा सकते है जो सबसे नीचे होता है लेकिन आपको ये बात अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि नोटा का वोट की गिनती होता है लेकिन वो वोट अमान्य होता है तथा किसी भी पार्टी का हर ओर जीत में इसका कोई रोल नही होता है।

नोटा का फुल फॉर्म क्या होता है

अब जान लेते है कि नोटा का फुल फॉर्म क्या होता है तो आपकी जानकारी के लिए बता दे कि नोटा का फुल फॉर्म ” नन ऑफ द अबब “ होता है यानी मतलब कोई भी नही होता है।

नोटा से क्या हो सकता है पुराने नियम

कहा जाता हैं कि 100 में से 99 वोट नोटा पर पड़ता है किसी भी उम्मीदवार को 1 वोट मिलता है तो उस उम्मीदवार को जीत घोसित किया जाएगा और बचे वोटो का कोई मान्य नही रहेगा यानी कि अगर किसी विधानसभा या लोकसभा क्षेत्र के सभी उम्मीदवार की जमानत जप्त हो जाती है तो इसमें सबसे ज्यादा जिस उम्मीदवार को वोट मिलता है उसको जीत घोसित किया जाता है कभी-कभी ऐसा देखा जाता है

कि सभी उम्मीदवारो से ज्यादा नोटा पर वोट जाता है गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी को छोड़कर किसी भी पार्टी के वोटों की संख्या से बहुत ही ज्यादा थी चलते समय मे 2018 तक नोटा को अमान्य वोट माना जाता था और इसका कोई हार जीत से मतलब नही था।

नोटा कैसे करता है नया नियम

लेकिन 2018 में नोटा को भारत मे पहली बार उम्मीदवारो का दर्जा मिला है और इसके बाद भरत में नई रूल में ये बताया गया है कि अगर नोटा पर ज्यादा वोट हो और वो जितने के कगार पर हो तो सारे उम्मीदवार को रद्द कर दिया जाएगा और पुनः फिर से चुनाव किया जाएगा ओर अगर किसी भी उम्मीदवार को नोटा से कम वोट मिलता है तो उसको दुबारा से चुनाव में खड़ा नही हो पायेगा इसके बाद भी अगर नोटा को सबसे ज्यादा वोट मिलता है तो दूसरे नंबर पर आने वाले उम्मीदवार को जीत घोसित कर दी जाएगी।

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अगर नोटा ओर उम्मीदवार को बराबर वोट मिलते है तो उम्मीदवार को जीत दे दी जाएगी इसे हमे या गवर्मेंट को ये पता चलता है कि नोटा को वोट डालने का मतलब अपने वोट को खराब करने होता है यानी आप नोटा को वोट देंगे तो इसी की भी जोर ओर हार में कोई तालुक नही रखता है ओर नया रूल के अनुसार वोट दुबारा करवया जाएगा अब तो आप समझ गए होंगे कि नोटा क्या होता है और ये कैसे काम करता है।