Lal Kila Kisne Banwaya? पूरी जानकारी हिंदी में

दोस्तों क्या आप जानते है कि Lal Kila Kisne Banwaya? इस आर्टिकल में लाल किला से जुड़ी पूरी जानकारी इस पोस्ट में बताने वाले है देश में बहुत सारे इतिहासिक स्थल है कुछ धार्मिक है तो कुछ पौराणिक इन्ही में एक है दिल्ली का लाल किला नाम अपने जरूर सुना होगा या पढ़ा होगा जो हमारे देश का महत्वपूर्ण स्थान है यहाँ हजारो के संख्या में हर वर्ष देश विदेश के लोग आते है

लाल किले पर आजादी के बाद सबसे पहले पंडित जवाहर लाल नेहरू जी ने तिरंगा झंडा फहराया था और उसके बाद हर साल 15 अगस्त और स्वतंत्रता दिवस को माननीय प्रधानमंत्री जी झाड़ा फहराते आये आये है क्या आप जानते है कि मुगलो ने भारत पर 400 सालो तक राज किया सायद आप जानते होंगे हर सासको ने अपने दौर के हिसाब से भारत के रियासत पर राज किया था

मुग़ल साम्राज्य में अकबर से लेकर ज़हाँगीर तक मुग़ल साम्राज्य बहुत ही फलख मुला और इसी काल में मुग़ल स्थापित कला भी अपने चरण पर थी मुगले ने अपने शासन काल के दैरान कई सारे इमारतों को बनवाया जो पुरे दुनिया में प्रसीद है और वे आज हमारे भारत के धरोहर है ऐसी ही इमारतों में से एक है दिल्ली का लाल किला नमस्कार दोस्तों आज हम इसी लाल किला के बारे जानेगे और लाल किला के बारे में पूरी जानकारी जानेंगे इसलिए आर्टिकल में बने रहे और पूरा पढ़े तो चलिए शुरू करते है।

Lal Kila Kisne Banwaya – दिल्ली के लाल किला किसने बनवाया था

Lal Kila Kisne Banwaya?

लाल किले का निर्माण 1638 में मुगल साम्राज्य के शासक शाहजहाँ ने अपने महल के रूप में करवाया था शाहजहाँ का पसंदीदा रंग लाल और सफ़ेद हुआ करता था इसलिए इसके पत्थरो का चुनाव में लाल रंग का चुनाव किया गया किला तो वैसे देश का एक विशाल किला है उस्ताद अहमद लाहोरी द्वारा इसका डिजाइन बनाया गया था और कहा जाता है

की इन्होने हि विस्व प्रसिद्ध ताजमहल का निर्माण करवाया था लाल किला में कईसंरचनाएं है जो इस्लाम और मुग़ल कला के उदाहरण के रूप में जनि जाती है देखा जाए तो मुगलो द्वारा अनेको जगहों पर अलग-अलग प्रकार के भावने बनाया गया है लेकिन इनमे दिल्ली और आगरा इन दोनों शहरो कि बात ही कुछ और है आगरा के ताज महल कि तरह दिल्ली के लाल किला भी विस्व प्रसिद्ध इतिहासिक ईस्मारक है यह दिल्ली में यमुना के पक्षिमी तट पर स्थित है कहा जाता है

की 13 मई 1648 को लाल किला बनकर तैयार हो गया  लाल पत्थरसे बनाने के कारण इसका लाल किला नाम रखा गया लाल किला में बहुत से इमारते है साल 2007 में यूनेस्को ने लाल किले को एक धरोहर अस्थल घोसित कर दिया भारत में लाल किले के विशेषता का अंदाजा एक इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारत के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी इसी किले पर स्वतंत्रता दिवस को पुरे देश को सम्बोधित करते है।

Lal Kila Kisne Banwaya –  लाल किला का इतिहास

Delhi Ka Lal Kila Kisne Banwaya Tha

लाल किला का निर्माण मुग़ल बादशाहो में एक सह जहाँ ने करवाया था यमुना नदी के तट पर बनाया गया इस किले का डिज़ाइन वास्तुकार उस्ताद अहमद लाहौरी ने बनाया था ये उस जवाने का ठेकादार था इस सुन्दर किले को बनाने में लगभग 8 साल 11 महीने का समय लगा था ये किला 1648 से 1857 तक मुगलों ने इस किले पर राज किया इससे पहले आगरा के साही किला मुगलों का निवास रहा

कुछ दिन बाद शाह जाहा ने आगरा से दिल्ली बदल दिया था दिल्ली में नयी राजधानी शाहजहानाबाद के गढ़ के रूप में लाल किले का निर्माण करवाया था औरन्जेब के सासन काल के बाद मुग़ल राज वंस हर तरह से कमजोर हो गया था और उस किले पर एक टोल लेना शुरू कर दिया जब मुग़ल शासक शाहजहानाबाद के बाद स्वरुप सियर से शासक संभाला तो ये किला काफी हद तक अपना चमक खोने लगा था

उनके शासन काल के दौरान धन के लिए उनके चांदी के छत को ताम्बे के साथ बदल दिया गया था ये सायद उस युग के शुरुआत थी जो आने वाले वर्षो में बहुत ही लम्बे समय तक चली 1739 में फास्री सम्राट नारदी साह ने मुगलो को पराजित किया और अपने साथ किले के कुछ कीमती सामान ले कर चला गया जिनमे प्रसिद्ध मयूर तथ्य भी था जो मुगलो के शाही सिंहासन के नाम से जाना जाता था

कमजोर मुगलो के पास मराठाओ से सन्धि के अलावा कोई और चारा नहीं था मराठो ने उनकी किले की रक्षा करने का वादा किया था। 1760 में दुरानी वंस केअहमद सा दुरानी ने दिल्ली पर कब्ज़ा करने कि धमकी दी तो मराठो ने अपनी सेना को मजबूत करने के लिए दीवाने खास के चांदी के चत खोद दी मन जाता है की पानीपथ के तीसरे लड़ाई में अहमद सह दुरानी ने मराठो को हरा दिया था और किले पर अधिकार कर लिया मराठो ने 1771 में किले का पुनः निर्माण किया

और शाह आलम दुतिये को 16 वे मुग़ल सम्राट के रूप में गददी पर बिठाया 1788 में मराठो ने किले पर कब्ज़ा कर लिया और अगले 20 वर्ष तक दिल्ली पर राज किया जब तक की अंग्रेजो ने दूसरे एंग्लो मराठा वॉर के दौरान रहा नहीं दिया अब लाल किले पर अब अंग्रेजो का कब्ज़ा था जिन्होंने किले के भीतर अपना खुद का रहने का निवास भी बनवाया था

1857 में भारतीय विद्रोह के दौरान बहादुर शाह जफ़र दुतिये को अंग्रेजो ने गिरफ्तार कर लिया और बाद में उनको उस क्षेत्र से बाहर निकाल दिया बहादुर शाह जफ़र के साथ की मुग़ल का अंत हो गया। मुगलो के अंत के बाद लाल किले के कीमती सामान को लूटने अंग्रेजो का रास्ता एक दम साफ हो गया था

लगभग सभी फर्नीचर कुछ नस्ट हो गए और कुछ इंग्लैंड भेज दिए गए लाल किले के भीतर कई इमारते और किले नस्ट हो गए और उनकी जगह पत्थर ने ले लिया कई प्रकार के बेसकीमती चीजे जैसे – कोहेनूर हीरा, बहादुर सह जफ़र का मुकुट, और शाहजहाँ का शराब का प्याला, ब्रिटिश सरकार को भेज दिया गया स्वतंत्रता के बाद भारतीय सेना ने किले के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया और इसे भारतीय सरकार को सौंप दिया।

लाल किला का बनावट – Red Fort Drowing

वैसे तो लाल किला पूरी तरह लाल बलुआ पथरो से बना हुआ है जिसके कारण इसका नाम लाल किला पड़ा लाल किला लगभग 254 एकड़ में फैला हुआ है किले को चारो तरफ से घेरने वाली दीवारे को 2.41 किलोमीटर मापा जाता है शहर के तरफ 33 मीटर ऊंची दिवार के विपरीत नहीं के किनारे इसकी उचाई 18 मीटर मानी जाती है इसकी दिवार की उचाई अलग-अलग जगहों पर अलग अलग-अलग है

किला के मध्य कालीन जहानाबाद के पूर्व उतर कोने में एक बहुत बरी सूखे खाई के ऊपर बना हुआ है किले का मुख्य सामने का प्रवेश द्वार लौहोरी गेट चटा चौक पर खुलता है जो एक ढकी हुई गली से घिरा हुआ है आज के समय में दिल्ली के सबसे प्रभाव साली ज्वैलर्स ललिन निर्माता और सोनरो के घर लिए इस्तमाल की जाती है

ये ढका हुआ मार्ग मीना बाजार के रूप भी जाना जाता है लाल किले में दीवानेआम में सम्राट प्रजा की शिकायते सुनते थे और वही दूसरी ओर दीवानेखास में निजी बैठके हुआ करती थी लाल लीला में ऐसे ही बहुत से अच्छे स्थान है जहाँ हमें एक बार जरूर जाना चाहिए।

हमने क्या पढ़ा :-

इसी प्रकार के लाल किला से जुड़ी जानकारी इस आर्टिकल में बताया गया है दोस्तों अगर आपको इस पोस्ट में कोई समस्या है या कोई सवाल हो तो कमेंट बॉक्स में हमसे पूछ सकते है हम आपको सहायता करने का पूरी प्रयास करंगे।

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नमस्कार दोस्तों, मैं Nishant Singh, HindiSikho (हिंदी सीखो) का Technical Author & Co-Founder हूँ. Education की बात करूँ तो मैं एक BCA का छात्र हूँ मुझे नयी नयी Technology से सम्बंधित चीज़ों को सीखना और दूसरों को सिखाने में बहुत अच्छा लगता है। इस ब्लॉग पर आपको रोज मोबाइल, तकनीक, कुछ अलग, कंप्यूटर, क्रिकेट स्पोर्ट्स, सोशल, पैसे कमाए इससे जुड़ी जानकारियां मिलती रहेगी मेरी आपसे नम्र निवेदन है की आप लोग इसी तरह हमारा सहयोग देते रहिये और हम आपके लिए नईं-नईं जानकारी उपलब्ध करवाते रहेंगे।

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