CSR Kya Hota Hai तथा इसका फुल फॉर्म क्या होता है पूरी जानकारी

नमस्कार दोस्तो आज के आर्टीकल में हम जानेंगे कि CSR Kya Hota Hai इससे जुड़ी हुई पूरी जानकारी इस आर्टीकल में अध्ययन करेंगे CSR कंपनियों की समाज के प्रति जिम्मेदारी कम्पनियाँ किसी उत्पाद को बनाने के लिए किसी न किसी रूप में प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग जरुर करती हैं और अच्छा खासा मुनाफा कमाती है।

CSR Kya Hota Hai
Full Form of CSR

लकिन बदले में प्रकृति को क्या देती है? जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण और ध्वनी प्रदूषण जिसका नुकसान समाज में रहने वाले लोगों को उठाना पड़ता है क्योंकि इन कंपनियों के कारण उन्हें प्रदूषित हवा और पानी का उपयोग करना पड़ता है लेकिन इन प्रभावित लोगों को कंपनियों की तरफ से किसी भी तरह का सीधे तौर पर कोई मुआवजा नही दिया जाता।

इसलिए भारत सहित पूरे विश्व में कंपनियों के लिए यह अनिवार्य बना दिया गया कि उनको अपनी आमदनी का कुछ भाग उन लोगों की भलाई पर भी खर्च करना होगा जिनके कारण उन्हें असुविधा हुई है इसलिए कंपनियों को समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी का एहसास करने के लिए CSR की शुरुवात की गई।

CSR Kya Hota Hai in Hindi

भारत में CSR के नियम 1 अप्रैल, 2014 से लागू किये गये| इस नियम के अनुसार एक दायरा निश्चित किया गया जिसमे उन कम्पनियाँ को शामिल किया गया जिनका सालाना नेटवर्थ 500 करोड़ रुपये या सालाना आय 1000 करोड़ की या सालाना लाभ 5 करोड़ का हो अगर कोई कंपनी बताई गई किसी भी श्रेणी में आती है तो उनको अपने 3 साल के औसत लाभ का कम से कम 2% CSR पर खर्च करना होगा CSR के नियम भारतीय कंपनियों पर ही नहीं बल्कि उन विदेशी कंपनियों पर भी लागू होते हैं जिनकी शाखा, कार्यालय या फैक्ट्री भारत में है।

CSR के अंतर्गत कंपनिया किस क्षेत्र में या किन गतिविधियों में हिस्सा ले सकती है। इसमें निम्नलिखित गतिविधियाँ शामिल होती हैं :-

  • भूख, गरीबी और कुपोषण को खत्म करना
  • मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुधारना
  • शिक्षा को बढ़ावा देना
  • खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना
  • पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करना
  • सशस्त्र बलों के लाभ के लिए उपाय
  • राष्ट्रीय विरासत का संरक्षण
  • प्रधान मंत्री की राष्ट्रीय राहत में योगदान
  • स्लम क्षेत्र का विकास करना
  • स्कूलों में शौचालय का निर्माण

 दोस्तो ये 10 वो सेक्टर है जिनमे कंपनियां अपने सी एस आर को खर्च कर सकती है।

  • मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 2015-16 में CSR गतिविधियों पर 9822 करोड़ रुपये खर्च किये गए थे जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 11.5% ज्यादा है। वर्ष 2015-16 की रिपोर्ट में 5097 कम्पनियाँ CS: मे शामिल है। शीर्ष 10 ने 3207 करोड़ रुपये खर्च किये जो कि कुल खर्च का 33% है:-
  1. किस क्षेत्र पर कितना खर्च हुआ है?
  2. स्वास्थ्य एवं चिकित्सा -3117 करोड़ रुपये
  3. शिक्षा – 3073 करोड़ रुपये
  4. ग्रामीण विकास – 1051 करोड़ रुपये
  5. पर्यावरण – 923 करोड़ रुपये
  6. स्वच्छ भारत कोष – 355 करोड रुपये

हाल ही में किये गये एक सर्वे के अनुसार, वर्ष 2016 में भारत की 99% कंपनियों ने CSR नियमों का पालन किया है, इसके अलावा सिर्फ जापान और इंग्लैंड की कंपनियों ने 99% का आंकड़ा छुआ है। CSR के अंतर्गत कंपनियों द्वारा किये गये
सामाजिक कार्यो के कारण कंपनियों और सरकार दोनों को फायदा होता है।

CSR में खर्च होने से जहाँ एक तरफ लोगों के कल्याण के लिए होने वाले खर्च से
सरकर को कुछ राहत मिलती है वहीं दूसरी तरफ लोगों की नजर में कंपनियों की
एक अच्छी इमेज बनती है जिससे कंपनी को अपने उत्पादों को बेचने में आसानी
होती है।

CSR का फूल फॉर्म क्या होता है –

दोस्तो चलिए जानते है कि CSR का फुल फॉर्म क्या होता है CSR का फुल फॉर्म Corporate Social Responsibility होता है।

  • C – Corporate
  • S – Social
  • R – Responsblity

CSR में बदलाव

कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने 24 अगस्त को CSR के नियमों में बदलाव की
अधिसूचना जारी की| सरकार ने कोविड-19 के चलते कंपनी अधिनियम के तहत
CSR नियमों में बदलाव किया है। ऐसा कोविड-19 के नये टीके, दवा के विकास
और चिकित्सा उपकरणों उत्पादन बढ़ाने के लिए अधिक धन उपलब्ध कराने को
लेकर किया गया है।

अब जो कंपनिया कोविड-19 के टीके, दवा और चिकित्सकीय उपकरण के शोध एवं विकास में लगी हुई है वो अब नए संशोधनों के बाद अपने शोध एवं विकास में किए गए खर्च का कुछ भाग CSR खर्च में दिखा सकती हैं CSR में किया गया ये बदलाव वित्त वर्ष 2020-21, 2021-22
और 2022-23 के लिए मान्य है।

हमनें क्या समझा–

इस पोस्ट में हमने पढ़ा है कि CSR kya Hota Hai इससे जुडी इसके के बारे में सारी बाते बहुत से आसान शब्दों में बताया गया है ताकि आपको अच्छी तरह समझ में आ सके।

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