Bulb Ka Aviskar Kisne Kiya? और कब किया पूरी जानकारी 2020 में

चलिए जानते है कि Bulb Ka Aviskar Kisne Kiya? पहले के समय में लोग मिट्टी के दिया सरसों तेल या मिट्ठी का तेल (किरोसिन) डालकर उसी के रौशनी से अपनी रात बिताते थे ज्यादा समय तक ये सब हम इस्तमाल नहीं कर सकते थे फिर खोज होने लगा की दिन तो ठीक है पर रात में ज्यदा प्रकाश के लिए कुछ नया तरीका वही आज के समय में बिजली के बल्ब के प्रकाश से हम अपनी रात बिताते हैइतना बदलाव जो बिजली पर अपने घर में बल्ब से जो प्रकाश फैलती है उस प्रकाश से हम अपने कामो का अंजाम देते है

आज के समय में कुछ और भी नए बल्ब आ चुके है जैसे- CFL BULB, LED BULB इत्यादी बहुत प्रकार के बल्ब आ चुके है ये सभी बल्ब से कम बिजली लगती है और रौशनी ज्यादा मिलता है इसलिए अधिक लोग इसी बल्ब का ज्यदा उपयोग करते है क्या आप जानते है की Bulb Ka Aviskar Kisne Kiya? और कब किया था वह कहा का रहने वाला था इस आर्टिकल में हम सारी बाते हो अच्छी तरह से बताएँगे इसलिए इस आर्टिकल को पूरा पढ़े तो जलिए शुरू करते है।

Bulb Ka Aviskar Kisne Kiya? हिंदी में

Bulb Ka Aviskar Kisne Kiya

इलेक्टिक बल्ब बनाने में अनेको विज्ञानिको ने प्रयास किया था लेकिन वही 18 अक्टूबर 1879 में एक अमेरिकन विज्ञानिक थॉमस ऐल्वा एडिसन “Thomas Alva Edison” द्वारा बल्ब का अविष्कार हुआ था बल्ब बनाने में बहुत लोगो ने योगदान दिया एडिसन ने केवल बल्ब का ही अविष्कार नहीं किया बल्कि वे बल्ब के आलावा 1091 प्रकार के छोटे-बड़े उपकरणों का अविष्कार किया जैसे ग्रामोफोन, मोशन पिक्चर कैमरा, कार्बन टेलीफोन ट्रांसमीटर, एल्कलाइन स्टोरेज बैटरी इत्यादी और भी शामिल हैं एडिसन ऐसे विज्ञानिक थे जो अमेरिका में सबसे ज्यादा अविष्कार में उनका नाम सबसे ऊपर है।

Bulb Ka Aviskar Kisne Kiya? पूरी कहानी हिंदी में

आज हम ऐसे विज्ञानिक के बारे में जानने वाले है जिनकी वजह से दुनिया को एक नई रौशनी मिली जी हा आप सही समझ रहे है हम थॉमस ऐल्वा एडिसन “Thomas Alva Edison” की बारे में बात कर रहे है थॉमस ऐल्वा एडिसन दुनिया के सबसे महान प्रायोगिक विज्ञानिक थे इनका जन्म 11 फ़रवरी 1847 को अमेरिका के Ohiyo राज्य में हुआ था और उनका मृतु 18 अक्टूबर 1931 माना जाता है कि इनका मौत हार्ड अटैक के कारण हुआ था एडिसन पिता का नाम Samuel Ogden Edison था बचपन में एडिसन के परिवार बहुत गरीब था।

Bulb Ka Aviskar Kisne Kiya

एक बार एडिसन स्कूल से घर पहुचे और अपने माँ को एक चिट्ठी देते हुए बोले यह चिठ्ठी मैडम ने दिया है और कहा है कि इसे केवल अपनी माँ को ही देना एडिसन की माँ ने चिठ्ठी लिया और पढने लगी पढने के बाद एडिसन के माँ के आखो से आसू आने लगा एडिसन चौक गया और माँ से पूछा माँ रो रही हो क्या लिखा है चिट्ठी में फिर उसकी माँ मने बोली की इस चिठ्ठी में लिखा है की आपका बच्चा बहुत ही समझदार है बहुत ही बुद्धिमान है

हमारे हिसाब से इतना तेज बच्चे के लिए हमारा स्कूल बहुत छोटा है और वह इतना तेज है कि उसकी बुद्धिमता के लिए हमारे पास इतने काबिल शिक्षक भी नहीं है जो एडिसन को उसकी बुद्धिमता के हिसाब से पढा सके इसलिए एडिसन को घर पर ही पढाये माँ में एडिसन को एक पुस्तक दिया जिसमे कई सारे रासानिक प्रयोग दिए हुए थे एडिसन को ये पुस्तक बहुत अच्छी लगी और उसने अपना सारा पैसे रसायनों पर खर्च कर दिया और सारा प्रयोग कर डाले।

कुछ दिन बाद एडिसन की माँ की मृतु हो गयी फिर एडिसन अकेला हो गया है एक दिन एडिसन बक्से में पुरानी कुछ पुस्तक को देख रहा था तभी उनकी नजर उस चिठ्ठी पर जो मैडम ने दिया था एडिसन ने चिठ्ठी को पढना शुरू कर दिया जब उसने चिठ्ठी पढ़ी हक्के – बक्के रह गए हकीकत में उस चिठ्ठी में लिखा था की आपका बेटा दिमागी रूप से बीमार है अब हम इसे और नहीं पढ़ा सकते है इसलिए हम इसे स्कूल से निकाल रहे है कृपया आप उसे घर पे ही पढ़ना शुरू कर दीजिये इस चिठ्ठी को पढने के बाद एडिसन बहुत चिंतित हुआ।

और उन्होंने ठान लिया की उनको साबित करना है की वह सबसे काबिल है उन्होंने स्कूल छोड़ने के बाद भी यह महान वैज्ञानिक ने अपना पढाई और विज्ञानिक प्रयोग जरी रखे वह पहुत मेहनत करते है 12 साल के उम्र में एडिसन एक ट्रेन में सफ़र कर रहे थे उनके पास कुछ रसायन थे जो ट्रेन के डिब्बे में गिर गए जिसके कारण डिब्बे में आग लग गयी जिसे कारण ट्रेन के कंडेक्टर ने एडिसन को जोर से चाटा लगा दिया

जिसके कारण एडिसन को सुनने के क्षमता बहुत ही कम हो गयी और अपनी इस समस्या को अपनी वरदान समझा क्योकि उनका कहना था की यह प्रयोग करते समय एक आकात्रता बनी रहती है बचपन में प्रयोग जरी रखने के लिए एडिसन को पैसे की जरुरत थी पैसे कमाने के लिए उन्होंने ट्रेन में अखबार और सब्जियाँ बेचते थे उन्होंने 15 वर्ष के आयु में एक पुराना Printing Press ख़रीदा और वे पत्रिका विकीहेरद छपते थे और उसका वितरण वे खुद ही करते थे उसका वितरण वे स्टेशान और घर-घर जाकर बेचते थे।

जब उनका प्रयोग पूरा होने को होता तो वे लगातार चार-चार दिनों तक बिना सोये लगे रहते थे कभी-कभी वे काम में इतना ब्यस्त हो जाता थे की अपना खाना भी भूल जाते थे सन 1879 से 1900 तक लगभग वे सारी खोजे कर चुके थे और वे वैज्ञानिक के साथ-साथ एक अमीर क्यापरी भी बन चुके थे एडिसन ने कुछ दिन बाद अपनी ही फैक्ट्री में काम करने वाली “Mary Stilwell” शादी कर ली दो बच्चे हुए। दोनों बच्चों का नाम अपने पुराने टेलीग्राफ के दिनों के सम्मान में ‘डाॅट’ और ‘डैश’ रख दिया।

कुछ दिन बाद एडिसन के पहली पत्नी का मृतु हो गया ये बात 1884 की है एडिसन ने दूसरी शादी 1884 में कर ली उनका दूसरी पत्नी का नाम “Mina Miller” था एडिसन ने अपने 8 साल और 10 लाख डॉलर उन्होंने बिजली स्टोर करने वाली बैटरी में लगा दिए थे जो कारो में प्रयोग किया जाता था एडिसन को पहली खोज पे उनको लगभग 40,000 डॉलर मिले थे अगर उसी को आज के समय में 7 लाख 50,000 डॉलर के बराबर है।

एडिसन लगभग 17 घंटे अपने वर्कशॉप (Library) में बिताते थे अलेख्जेदर द्वारा बनाये गए टेलीफ़ोन में एडिसन ने उसमे बहुत सुधर किया टेलीफ़ोन के आवाज ज्यदा दूर से कोई व्यक्ति बात करे तो आवाज बहुत कम सुनाई नहीं देती इसका सुधर एडिसन ने ही किया था,एडिसन से ही दुनिया का पहला कैमरा बनाया था जिससे एक बार में 25 चित्र खीच सकते थे।

हमने क्या पढ़ा :-

दोस्तों आज के इस टॉपिक में हमने क्या पढा Bulb Ka Aviskar Kisne Kiya, बल्ब बनाने में एडिसन को क्या-क्या झेलना पड़ा, एडिसन बचपन में कैसे थे, बल्ब की पूरी कहानी, बल्ब का अविष्कार कब हुआ था और कैसे हुआ था इत्यादी सारी बातो हो इस टॉपिक में बताया हु दोस्तों अगर आपको कुछ कहना है या या आर्टिकल कैसे लगा Comment में जरुर बताये.

धन्यवाद

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नमस्कार दोस्तों, मैं Nishant Singh, HindiSikho (हिंदी सीखो) का Technical Author & Co-Founder हूँ. Education की बात करूँ तो मैं एक BCA का छात्र हूँ मुझे नयी नयी Technology से सम्बंधित चीज़ों को सीखना और दूसरों को सिखाने में बहुत अच्छा लगता है। इस ब्लॉग पर आपको रोज मोबाइल, तकनीक, कुछ अलग, कंप्यूटर, क्रिकेट स्पोर्ट्स, सोशल, पैसे कमाए इससे जुड़ी जानकारियां मिलती रहेगी मेरी आपसे नम्र निवेदन है की आप लोग इसी तरह हमारा सहयोग देते रहिये और हम आपके लिए नईं-नईं जानकारी उपलब्ध करवाते रहेंगे।

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